लखनऊ [TV 47 न्यूज नेटवर्क ]। उत्तर प्रदेश में लंबे इंतजार के बाद आखिरकार मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए यह राहत की खबर है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं और अगले 24 से 48 घंटों के दौरान कई इलाकों में झमाझम बारिश देखने को मिल सकती है।
राजधानी लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, आजमगढ़, देवरिया, कुशीनगर, मऊ और आसपास के जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग का कहना है कि मानसून की सक्रियता के कारण प्रदेश के तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।
उत्तर प्रदेश में मानसून ने पकड़ी रफ्तार
इस वर्ष उत्तर प्रदेश में मानसून की एंट्री सामान्य से कुछ देर से हुई, लेकिन अब इसके सक्रिय होने के संकेत स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं और कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बादलों की आवाजाही बढ़ गई है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून की ट्रफ लाइन उत्तर प्रदेश के ऊपर से गुजर रही है, जिसके कारण बारिश की गतिविधियां बढ़ रही हैं। पूर्वी यूपी में कई स्थानों पर अच्छी बारिश दर्ज की गई है और अब यह प्रभाव मध्य एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ रहा है।
सबसे ज्यादा बारिश कहां हो सकती है? पूर्वांचल पर सबसे ज्यादा नजर
उत्तर प्रदेश में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और मौसम विभाग की निगाहें खास तौर पर पूर्वांचल के जिलों पर टिकी हुई हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार अगले 48 घंटों के दौरान प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में सबसे अधिक वर्षा दर्ज होने की संभावना है। गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, महाराजगंज, बलिया, मऊ, आजमगढ़, वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर, मिर्जापुर और सोनभद्र जैसे जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं की भी आशंका जताई गई है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी आने और मानसूनी ट्रफ के उत्तर प्रदेश के ऊपर सक्रिय रहने के कारण पूर्वांचल में बारिश की तीव्रता अधिक रहने की संभावना है। यही वजह है कि इन जिलों को सबसे संवेदनशील माना जा रहा है। लगातार बारिश होने पर निचले इलाकों में जलभराव और नदी किनारे के क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ने की स्थिति भी बन सकती है।
ऑरेंज अलर्ट वाले जिले
मौसम विभाग ने गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, महाराजगंज, बलिया, मऊ, आजमगढ़, वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर, चंदौली, मिर्जापुर और सोनभद्र जिलों के लिए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। इन इलाकों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं।
वहीं लखनऊ, प्रयागराज, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, बाराबंकी, उन्नाव, कानपुर और अयोध्या समेत मध्य उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी अच्छी बारिश होने के आसार हैं। हालांकि यहां पूर्वांचल की तुलना में बारिश की तीव्रता कुछ कम रह सकती है।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, खुले मैदानों में न रहें और बिजली चमकने पर सुरक्षित स्थानों पर शरण लें। किसानों को भी खेतों में काम करते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
कुल मिलाकर, अगले दो दिनों में पूर्वांचल उत्तर प्रदेश मानसून की सबसे तीव्र गतिविधियों का केंद्र बन सकता है और यहीं प्रदेश की सबसे ज्यादा बारिश दर्ज होने की संभावना है।
IMD की चेतावनी
- 50 से 70 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
- कई जिलों में वज्रपात (बिजली गिरने) की आशंका है।
- निचले इलाकों में जलभराव हो सकता है।
- किसानों और आम नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
