नोएडा [TV 47 न्यूज नेटवर्क ]। देशभर में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और इसका असर अब उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत तक दिखाई दे रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 10 जुलाई को बड़ा अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि अगले 10 घंटे के भीतर 13 राज्यों में तेज आंधी, गरज-चमक और बारिश की संभावना है। कई क्षेत्रों में हवाओं की रफ्तार 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल और अन्य राज्यों में मौसम तेजी से बदल सकता है। लोगों को सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
मानसून ने पूरे देश को किया कवर
IMD के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून अब पूरे भारत को कवर कर चुका है। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से लगातार नमी मिलने के कारण कई राज्यों में भारी वर्षा की स्थितियां बन रही हैं। नए मौसम तंत्रों के सक्रिय होने से अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
उत्तर प्रदेश में भारी बारिश का खतरा
उत्तर प्रदेश में मानसून का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने पूर्वी और पश्चिमी दोनों क्षेत्रों में बारिश की चेतावनी जारी की है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 11 और 12 जुलाई को बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि पश्चिमी यूपी में भी लगातार बारिश का दौर जारी रह सकता है।
लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, अयोध्या, बरेली, मेरठ और नोएडा समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।
दिल्ली-एनसीआर में मौसम का बदला मिजाज
दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में भी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार गरज के साथ बारिश और तेज हवा चल सकती है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज होगी।
हाल के दिनों में हुई बारिश के कारण कई क्षेत्रों में जलभराव देखने को मिला है। प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने की अपील की है।
बिहार में बाढ़ का खतरा बढ़ा
बिहार में लगातार हो रही बारिश के चलते कई नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। राज्य सरकार ने कई जिलों में बाढ़ संबंधी तैयारियां तेज कर दी हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बारिश का यही सिलसिला जारी रहा तो निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ की स्थिति पैदा हो सकती है।
उत्तराखंड और हिमाचल में भूस्खलन का खतरा
पर्वतीय राज्यों उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और फ्लैश फ्लड का खतरा बढ़ गया है। कई स्थानों पर सड़कें प्रभावित हुई हैं और प्रशासन ने यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। चारधाम यात्रा और अन्य पर्वतीय मार्गों पर जाने वाले श्रद्धालुओं को मौसम अपडेट लगातार देखते रहने की सलाह दी गई है।
महाराष्ट्र, गुजरात और पश्चिमी तट पर भारी वर्षा
महाराष्ट्र, गुजरात, गोवा और कर्नाटक में मानसून पूरी ताकत से सक्रिय है। कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश दर्ज की जा रही है। पश्चिमी तट के क्षेत्रों में तेज हवाओं और समुद्र में ऊंची लहरों की भी चेतावनी जारी की गई है। मुंबई, पुणे, सूरत और बेलगावी जैसे शहरों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की खबरें सामने आ रही हैं।
दक्षिण भारत में भी अलर्ट
तमिलनाडु और केरल में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है। केरल के कई जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ वर्षा की संभावना बनी हुई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से मिल रही नमी के कारण दक्षिण भारत में अगले कुछ दिनों तक मौसम सक्रिय रहेगा।
किसानों के लिए राहत और चिंता दोनों
बारिश से धान, मक्का और अन्य खरीफ फसलों को लाभ मिलने की उम्मीद है। खेतों में पर्याप्त नमी पहुंचने से बुवाई और रोपाई कार्य में तेजी आएगी।
हालांकि अत्यधिक बारिश होने पर जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है, जिससे सब्जियों और दलहन फसलों को नुकसान होने का खतरा भी रहेगा। कृषि विशेषज्ञ किसानों को खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दे रहे हैं।
MD की सलाह: खराब मौसम में इन सावधानियों का रखें विशेष ध्यान
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने देश के कई राज्यों में भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। मौसम विभाग का कहना है कि खराब मौसम के दौरान थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है, इसलिए सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करना बेहद जरूरी है।
सबसे पहले, लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। यदि बहुत जरूरी न हो तो घर से बाहर निकलने से बचें, क्योंकि भारी बारिश के कारण सड़कों पर जलभराव, ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
बिजली कड़कने और आकाशीय बिजली गिरने के दौरान खुले मैदान, खेतों और ऊंचे स्थानों पर जाने से बचना चाहिए। ऐसे समय में किसी मजबूत भवन या सुरक्षित स्थान पर शरण लेना अधिक सुरक्षित होता है।
मौसम विभाग ने लोगों को पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर संरचनाओं से दूर रहने की भी सलाह दी है। तेज हवाओं के कारण पेड़ गिर सकते हैं या बिजली के तार टूट सकते हैं, जिससे जान-माल का नुकसान हो सकता है।
इसके अलावा नदियों, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास जाने से बचना चाहिए। अचानक जलस्तर बढ़ने या तेज बहाव के कारण गंभीर दुर्घटनाएं हो सकती हैं।
IMD ने नागरिकों से अपील की है कि वे स्थानीय प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग और मौसम विभाग द्वारा जारी आधिकारिक अपडेट पर लगातार नजर रखें। किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें और केवल विश्वसनीय स्रोतों से प्राप्त जानकारी के आधार पर ही निर्णय लें। सतर्कता और सावधानी ही खराब मौसम के दौरान सबसे बड़ा बचाव है।
