वाराणसी [TV 47 न्यूज नेटवर्क ]। वाराणसी में भारतीय वायुसेना का विशेष एयर शो ‘विंग्स ओवर गंगा’ 22, 24 और 25 अक्टूबर 2026 को नमो घाट पर आयोजित किया जा रहा है। इस आयोजन में कुल 100 विमान और हेलीकॉप्टर हिस्सा लेंगे। इनमें 52 लड़ाकू विमान, 15 परिवहन विमान, 32 हेलीकॉप्टर और एक विरासत विमान शामिल हैं। राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000, मिग-29, जगुआर और स्वदेशी तेजस जैसे लड़ाकू विमान इस प्रदर्शन का हिस्सा होंगे।
इस आयोजन की खासियत सिर्फ विमानों की संख्या नहीं है। यह भारतीय वायुसेना की तकनीकी क्षमता, पायलटों के कौशल, विमानों के बीच तालमेल और देश की रक्षा में उसकी भूमिका को आम लोगों के सामने प्रस्तुत करने का अवसर भी है।
वाराणसी एयर शो 2026 की 7 बड़ी खासियतें
1. गंगा के ऊपर 100 विमानों का प्रदर्शन
इस एयर शो में अलग-अलग श्रेणियों के 100 विमान और हेलीकॉप्टर शामिल होंगे। यह आयोजन काशी के नमो घाट पर गंगा के ऊपर होगा। अलग-अलग विमानों की उड़ान और फॉर्मेशन के जरिए वायुसेना की क्षमताओं को प्रदर्शित किया जाएगा।
2. राफेल से तेजस तक लड़ाकू विमानों की ताकत
इस एयर शो में कई प्रमुख लड़ाकू विमानों की भागीदारी प्रस्तावित है।
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राफेल: आधुनिक बहुउद्देशीय लड़ाकू विमान।
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सुखोई-30 एमकेआई: लंबी दूरी और बहुउद्देशीय अभियानों के लिए सक्षम लड़ाकू विमान।
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मिराज-2000: भारतीय वायुसेना का प्रमुख लड़ाकू विमान।
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मिग-29: वायु रक्षा और लड़ाकू अभियानों में इस्तेमाल होने वाला विमान।
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जगुआर: मुख्य रूप से जमीन पर स्थित लक्ष्यों पर हमले के लिए विकसित विमान।
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तेजस: भारत में विकसित हल्का लड़ाकू विमान।
इन विमानों की मौजूदगी से दर्शकों को भारतीय वायुसेना के अलग-अलग प्रकार के लड़ाकू विमानों को देखने का अवसर मिलेगा। वास्तविक प्रदर्शन में किसी विमान की भागीदारी मौसम, परिचालन जरूरतों और कार्यक्रम के अंतिम निर्देशों पर निर्भर कर सकती है।
3. सूर्यकिरण टीम के नौ विमान बनाएंगे आसमान में आकृतियां
इन करतबों के लिए पायलटों के बीच सटीक तालमेल, दूरी का नियंत्रण और लगातार अभ्यास जरूरी होता है। नौ विमानों का एक साथ उड़ना इस टीम की विशेष पहचान है।
विज्ञप्ति के अनुसार, विमानों से निकलने वाला केसरिया, सफेद और हरा धुआं प्रदर्शन को तिरंगे के रंगों से सजाएगा। सूर्यकिरण टीम की स्थापना 1996 में हुई थी और वह भारत तथा विदेशों में अनेक एयर शो में भाग ले चुकी है।
4. सारंग हेलीकॉप्टर टीम भी दिखाएगी कौशल
सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम भी इस आयोजन के प्रमुख आकर्षणों में शामिल है। यह टीम स्वदेशी एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर ध्रुव के जरिए सामूहिक उड़ान और सटीक हवाई करतबों के लिए जानी जाती है।
लड़ाकू विमानों की तेज उड़ान से अलग हेलीकॉप्टर प्रदर्शन में कम गति पर नियंत्रण, पास-पास उड़ान और एक साथ दिशा बदलने की क्षमता महत्वपूर्ण होती है। इससे दर्शकों को सैन्य विमानन का एक अलग पहलू देखने को मिलेगा।
5. परिवहन विमान और हेलीकॉप्टर भी होंगे शामिल
एयर शो में केवल लड़ाकू विमान ही नहीं, बल्कि परिवहन विमान और हेलीकॉप्टर भी हिस्सा लेंगे।
| विमान श्रेणी | संख्या |
|---|---|
| लड़ाकू विमान | 52 |
| परिवहन विमान | 15 |
| हेलीकॉप्टर | 32 |
| विरासत विमान | 1 |
| कुल | 100 |
ये आंकड़े आयोजन से जुड़ी प्रकाशित जानकारी पर आधारित हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इसमें भारतीय थलसेना के दो एएलएच हेलीकॉप्टर और भारतीय नौसेना के एक पी-8आई तथा एक कामोव-31 हेलीकॉप्टर भी शामिल होंगे।
6. भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ का आयोजन
भारतीय वायुसेना की स्थापना 8 अक्टूबर 1932 को हुई थी। वर्ष 2026 में वायुसेना अपनी 94वीं वर्षगांठ मना रही है। वाराणसी का यह प्रदर्शन उसी अवसर से जुड़ा है।
एयर शो के जरिए आम नागरिकों को वायुसेना की तकनीक, प्रशिक्षण और पेशेवर दक्षता से परिचित कराने का अवसर मिलता है।
7. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी 25 अक्टूबर को होंगे शामिल
प्रकाशित कार्यक्रम संबंधी जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 अक्टूबर को नमो घाट पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने की योजना है। यह एयर शो का अंतिम दिन होगा।
एयर शो कब और कितने बजे होगा?
प्रदर्शन की तारीखें
22, 24 और 25 अक्टूबर 2026
नमो घाट, वाराणसी
पहला चरण सुबह 11:40 से दोपहर 12:30 बजे तक और दूसरा चरण दोपहर 1 से 2 बजे तक। निकलने से पहले आधिकारिक सूचना की पुष्टि करें।
भीड़ से बचने के लिए समय से पहले पहुंचें और पुलिस तथा प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
कार्यक्रम की आधिकारिक जानकारी और लाइव प्रसारण के लिए विंग्स ओवर गंगा की वेबसाइट देखी जा सकती है। वेबसाइट पर प्रदर्शन से संबंधित सूचना, विमान सूची और दर्शकों के लिए दिशा-निर्देश उपलब्ध हैं।
वाराणसी एयर शो क्यों है खास?
काशी अपनी धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान के लिए जानी जाती है। गंगा के घाटों के ऊपर आधुनिक लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टरों का प्रदर्शन इस आयोजन को अलग पहचान देता है।
इसका एक महत्वपूर्ण उद्देश्य युवाओं को भारतीय वायुसेना के प्रति जागरूक करना भी है। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों और युवाओं को विमानन, तकनीक, अनुशासन और सैन्य सेवाओं में करियर की संभावनाओं के बारे में जानने का अवसर मिलता है।
सूर्यकिरण टीम के पांच अधिकारी उत्तर प्रदेश से हैं। रक्षा मंत्रालय की विज्ञप्ति में इस बात का विशेष उल्लेख किया गया है। उनके लिए अपने गृह राज्य में प्रदर्शन करना इस आयोजन को व्यक्तिगत रूप से भी खास बनाता है।
