लॉरेंस बिश्नोई? छात्र राजनीति से अपराध जगत तक
नई दिल्ली [TV 47 न्यूज नेटवर्क ]। लॉरेंस बिश्नोई पंजाब के फाजिल्का क्षेत्र से जुड़ा गैंगस्टर है। छात्र राजनीति के दौर में उसका नाम सामने आया और बाद में वह हत्या, रंगदारी, हथियारों तथा आपराधिक साजिश के मामलों में जांच एजेंसियों के रडार पर आया। वह गुजरात की साबरमती जेल में बंद रहा है।
जांच एजेंसियों का आरोप है कि जेल में रहने के बावजूद उसके सहयोगियों के जरिए नेटवर्क सक्रिय रहा। हालांकि, जेल से किसी विशेष वारदात को निर्देशित करने के आरोपों को प्रत्येक मामले में अलग से प्रमाणित करना पड़ता है।
अमेरिकी न्याय विभाग के अभियोग में नेटवर्क को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय संगठित आपराधिक समूह के रूप में वर्णित किया गया है। इसमें रंगदारी, हत्या, गोलीबारी और मादक पदार्थों से जुड़े आरोप भी शामिल हैं। यह अभियोग अभियोजन पक्ष के आरोपों का विवरण है, न कि हर आरोप पर अंतिम न्यायिक फैसला।
2. कितना बड़ा है नेटवर्क और कहां तक फैला है?
NIA ने अक्टूबर 2024 में बिश्नोई के नेटवर्क को लगभग 700 सदस्यों वाला आपराधिक समूह बताया था। उस समय एजेंसी ने पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली सहित कई राज्यों में दर्ज मामलों का उल्लेख किया। एजेंसी के अनुसार, नेटवर्क के कुछ सहयोगी विदेश में भी सक्रिय थे।
गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा का नाम विभिन्न जांचों और रिपोर्टों में आया है। अमेरिकी न्याय विभाग ने भी नेटवर्क के क्षेत्रीय नेतृत्व और विदेशी सहयोगियों के बारे में आरोप दर्ज किए हैं।
3. टाइगर श्रॉफ से पहले किन चर्चित मामलों में आया नाम?
सलमान खान के घर पर फायरिंग — अप्रैल 2024
मुंबई के बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर गोलीबारी हुई। बिश्नोई नेटवर्क से जुड़े होने के आरोप में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने अभिनेता की सुरक्षा बढ़ाई और मामले में आरोपपत्र दाखिल किया।
मुंबई के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या के बाद बिश्नोई गैंग से जुड़े होने के दावे और जांच सामने आए। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी और साजिश की जांच की। मामले में जिम्मेदारी लेने के दावों को अदालत में स्थापित तथ्यों से अलग समझना जरूरी है।
रोहित शेट्टी के घर के बाहर गोलीबारी — फरवरी 2026
मुंबई के जुहू में फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी के आवास के बाहर फायरिंग हुई। जांच के दौरान बिश्नोई नेटवर्क से जुड़े होने के दावे सामने आए। यह घटना फिल्म जगत के लोगों को धमकी देने और दबाव बनाने के आरोपों के संदर्भ में चर्चा में रही।
जुहू में अभिनेता की कार के पास गोलीबारी हुई। टाइगर श्रॉफ सुरक्षित रहे, जबकि उनके ड्राइवर और एक अन्य स्टाफ सदस्य घायल हुए। एक सोशल मीडिया संदेश में गैंग से संबंध का दावा किया गया, लेकिन मुंबई पुलिस ने उस समय इसकी पुष्टि नहीं की थी।
4. अब तक कितनी हत्याओं का श्रेय इस गैंग को है?
यह सबसे संवेदनशील और तथ्यात्मक रूप से कठिन सवाल है। बिश्नोई गैंग से जुड़े मामलों में हत्याओं की कोई एक आधिकारिक, अंतिम और सर्वमान्य कुल संख्या उपलब्ध नहीं है। कई मामलों में गैंग या उसके कथित सहयोगियों ने जिम्मेदारी लेने का दावा किया, जबकि कई मामलों में पुलिस ने साजिश या आपराधिक नेटवर्क से संबंध होने का आरोप लगाया।
अप्रैल 2026 में द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब में बिश्नोई के खिलाफ दर्ज 47 FIR में से 9 में भारतीय दंड संहिता की हत्या संबंधी धारा 302 का उल्लेख था। उसी रिपोर्ट में बताया गया कि इन 47 मामलों में से चार में दोषसिद्धि हुई थी, 19 मामलों का निपटारा बरी होने, आरोपमुक्त होने, रद्द होने या आरोपी का पता न चलने जैसी स्थितियों में हुआ था और 24 मामले लंबित थे या जांच में थे।
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नौ हत्या संबंधी आरोप का अर्थ नौ हत्याओं में दोषसिद्धि नहीं है।
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FIR में किसी व्यक्ति का नाम होने से उसका अपराध साबित नहीं होता।
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गैंग द्वारा जिम्मेदारी लेने का सोशल मीडिया संदेश अपने आप में निर्णायक सबूत नहीं है।
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अलग-अलग राज्यों और देशों के मामलों को जोड़कर एक कुल संख्या बताने के लिए मामलों की दोहराव-रहित, सत्यापित सूची जरूरी है।
इसलिए जिम्मेदार पत्रकारिता के लिहाज से यह कहना सही होगा कि बिश्नोई नेटवर्क का नाम कई गंभीर हत्या मामलों में आया है, लेकिन इस गैंग को अब तक कुल कितनी हत्याओं के लिए न्यायिक रूप से जिम्मेदार ठहराया गया है, इसकी विश्वसनीय समेकित संख्या बताना उपलब्ध जानकारी के आधार पर संभव नहीं है।
5. आगे क्या? मुंबई पुलिस की जांच और फिल्म जगत की सुरक्षा
टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के मामले में मुंबई पुलिस ने CCTV फुटेज की जांच और आरोपियों की तलाश के लिए 15 पुलिस टीमों के गठन की जानकारी दी। पुलिस के सामने मुख्य सवाल हैं कि गोली किसने चलाई, क्या हमलावरों का किसी संगठित गिरोह से संबंध है और सोशल मीडिया पर प्रसारित जिम्मेदारी लेने वाले संदेश की प्रामाणिकता क्या है।
