नई दिल्ली [TV 47 न्यूज नेटवर्क ]। 2 अक्टूबर का दिन भारत के इतिहास में विशेष महत्व रखता है। इस दिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और देश के दूसरे प्रधानमंत्री, भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री की जयंती मनाई जाती है। वर्ष 2026 में भी पूरे देश ने इन दोनों महान विभूतियों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। दिल्ली से लेकर राज्यों की राजधानियों तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां नेताओं, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने उनके योगदान को याद किया। महात्मा गांधी की 157वीं और लाल बहादुर शास्त्री की 122वीं जयंती के अवसर पर देशभर में प्रार्थना सभाएं, स्वच्छता अभियान, सर्वधर्म प्रार्थना और श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित हुए।
राजघाट पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी, बापू को किया नमन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुबह नई दिल्ली स्थित राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने सर्वधर्म प्रार्थना सभा में भी भाग लिया और बापू के सत्य, अहिंसा, सेवा तथा करुणा के संदेश को याद किया। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि महात्मा गांधी का जीवन मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत है और उनके विचार विकसित भारत के निर्माण में मार्गदर्शन करते रहेंगे।
गांधी जयंती के अवसर पर राजघाट पर आयोजित कार्यक्रम में अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। राष्ट्रपिता के विचारों को आज के दौर में और अधिक प्रासंगिक बताते हुए वक्ताओं ने समाज को उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।
विजय घाट पर लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि
महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विजय घाट पहुंचे, जहां उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को नमन किया। प्रधानमंत्री ने शास्त्री जी की सादगी, ईमानदारी और राष्ट्र के प्रति समर्पण को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन आज भी देशवासियों को प्रेरणा देता है।
लाल बहादुर शास्त्री भारतीय राजनीति में सादगी और नैतिकता के प्रतीक माने जाते हैं। वर्ष 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान उनके दिए गए “जय जवान, जय किसान” के नारे ने पूरे देश में नई ऊर्जा का संचार किया था। यह नारा आज भी देश की सुरक्षा और कृषि क्षेत्र के महत्व का प्रतीक माना जाता है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने दिया राष्ट्र के नाम संदेश
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भी महात्मा गांधी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि गांधी जी का जीवन और उनके आदर्श पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा हैं। राष्ट्रपति ने देशवासियों से सत्य, अहिंसा और नैतिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में गांधी जी का शांति और अहिंसा का संदेश पहले से अधिक प्रासंगिक हो गया है।
राष्ट्रपति ने राजघाट जाकर सर्वधर्म प्रार्थना सभा में भी भाग लिया और राष्ट्रपिता को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शास्त्री जी को किया नमन
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि “जय जवान-जय किसान” का उद्घोष देश के सैनिकों और अन्नदाता किसानों में आज भी अदम्य ऊर्जा का संचार करता है। उन्होंने कहा कि शास्त्री जी का दृढ़ नेतृत्व, ईमानदारी और सादगीपूर्ण जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शास्त्री जी ने देश को यह सिखाया कि सीमित संसाधनों में भी मजबूत इच्छाशक्ति और राष्ट्रहित सर्वोपरि रखकर बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। उनका जीवन सार्वजनिक जीवन में नैतिकता और पारदर्शिता का उत्कृष्ट उदाहरण है।
गांधी और शास्त्री के विचार आज भी प्रासंगिक
विशेषज्ञों का मानना है कि महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री दोनों ने अपने जीवन से ऐसे आदर्श स्थापित किए जो आज भी प्रासंगिक हैं। गांधी जी ने सत्य, अहिंसा और सामाजिक समरसता का मार्ग दिखाया, जबकि शास्त्री जी ने सादगी, ईमानदारी और राष्ट्रसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।
जहां गांधी जी का जन्मदिन संयुक्त राष्ट्र द्वारा अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में भी मान्यता प्राप्त है, वहीं शास्त्री जी का “जय जवान, जय किसान” मंत्र आज भी देश के विकास की आधारशिला माना जाता है।
देशभर में आयोजित हुए कार्यक्रम
दिल्ली, लखनऊ, अहमदाबाद, मुंबई, कोलकाता और अन्य शहरों में विभिन्न सरकारी और सामाजिक संगठनों ने दोनों महापुरुषों की जयंती पर कार्यक्रम आयोजित किए। स्कूलों और कॉलेजों में भाषण, निबंध प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। कई स्थानों पर स्वच्छता अभियान और वृक्षारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।
