नोएडा [TV 47 न्यूज नेटवर्क ]। नोएडा के सेक्टर-122 में आयोजित फर्स्ट वन रिहैब फाउंडेशन के वार्षिक उत्सव ने यह साबित कर दिया कि जब समाज सेवा, शिक्षा, संस्कृति और साहित्य एक मंच पर आते हैं तो एक ऐसा वातावरण बनता है जो केवल कार्यक्रम नहीं बल्कि सामाजिक चेतना का आंदोलन बन जाता है। शनिवार को सुबह शुरू हुआ यह आयोजन देर रात तक चलता रहा और पूरे दिन शहर के प्रमुख उद्योगपतियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, चिकित्सकों, शिक्षाविदों, जनप्रतिनिधियों तथा साहित्य प्रेमियों का जमावड़ा लगा रहा।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग बच्चों के आत्मविश्वास, कौशल विकास और सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देना था। इसके साथ ही समाज में सेवा और संवेदना की भावना को मजबूत करना भी इस आयोजन का प्रमुख लक्ष्य रहा।
फर्स्ट वन रिहैब फाउंडेशन: सेवा और समर्पण का पर्याय
फर्स्ट वन रिहैब फाउंडेशन पिछले कई वर्षों से दिव्यांग बच्चों और विशेष आवश्यकताओं वाले बच्चों के पुनर्वास, शिक्षा, प्रशिक्षण और उपचार के क्षेत्र में कार्य कर रहा है। संस्था के संस्थापक एवं निदेशक डॉ. महिपाल सिंह तथा निदेशक एवं ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट डॉ. दीक्षा श्रीवास्तव के नेतृत्व में संस्था ने हजारों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य किया है।
आज संस्था केवल एक चिकित्सा या पुनर्वास केंद्र नहीं बल्कि एक ऐसा मंच बन चुकी है जहां दिव्यांग बच्चों को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रशिक्षित किया जाता है।
केंद्रीय और राष्ट्रीय स्तर के नेताओं की मौजूदगी बनी आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम का शुभारंभ देश के वरिष्ठ राजनेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. मुरली मनोहर जोशी की उपस्थिति में हुआ। उनके साथ प्रेरक वक्ता सागर सिन्हा, फाउंडेशन के संस्थापक डॉ. महिपाल सिंह, निदेशक डॉ. दीक्षा श्रीवास्तव तथा फाउंडेशन की सीईओ डॉ. सुष्मिता भाटी भी मंच पर मौजूद रहे।
बाद में केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा भी कार्यक्रम में शामिल हुए और उन्होंने दिव्यांगजनों को विभिन्न सहायक उपकरण वितरित किए।
दिव्यांगों को मिले जीवन बदलने वाले उपकरण
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा ने दिव्यांगजनों को कई महत्वपूर्ण सहायक उपकरण प्रदान किए।
इनमें शामिल रहे—
- 10 इलेक्ट्रिक ट्राइसाइकिल
- 10 सामान्य ट्राइसाइकिल
- 20 व्हीलचेयर
इन उपकरणों का उद्देश्य दिव्यांगजनों की गतिशीलता को बढ़ाना और उन्हें अधिक आत्मनिर्भर बनाना है।
उपकरण प्राप्त करने वाले लाभार्थियों और उनके परिवारों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दे रही थी।
स्किल डेवलपमेंट प्रदर्शनी ने दिखाई आत्मनिर्भर भारत की झलक
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण छात्रों द्वारा तैयार की गई स्किल डेवलपमेंट प्रदर्शनी रही। इस प्रदर्शनी में बच्चों ने अपने हुनर और रचनात्मकता का शानदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनी में शामिल प्रमुख गतिविधियां थीं— बच्चों द्वारा बनाए गए सजावटी उत्पादों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। आधुनिक कला के रूप में रेजिन आर्ट की प्रदर्शनी ने लोगों को प्रभावित किया।
नवाचार आधारित मॉडल
कई छात्रों ने अपनी कल्पनाशीलता और तकनीकी समझ का प्रदर्शन करते हुए अभिनव मॉडल प्रस्तुत किए। इस प्रदर्शनी ने यह संदेश दिया कि उचित अवसर और प्रशिक्षण मिलने पर दिव्यांग बच्चे भी किसी से कम नहीं हैं।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां
दिनभर चले सांस्कृतिक कार्यक्रमों में विद्यार्थियों ने शानदार प्रस्तुतियां दीं। देशभक्ति और प्रेरणादायक गीतों ने दर्शकों को भावुक कर दिया। बच्चों द्वारा प्रस्तुत समूह नृत्य ने खूब तालियां बटोरीं। बाल प्रतिभाओं ने अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति से लोगों का दिल जीत लिया। सामाजिक संदेश देने वाले नाटकों ने दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर दिया।
“एक सम्मान मां के नाम” पहल बनी भावनाओं का केंद्र
कार्यक्रम में “एक सम्मान मां के नाम” पहल के अंतर्गत उन माताओं को सम्मानित किया गया जिन्होंने अपने बच्चों के विकास और सफलता के लिए असाधारण समर्पण दिखाया।
इस दौरान कई माताओं की संघर्ष और सफलता की कहानियां साझा की गईं। मंच पर मौजूद लोग भावुक हो उठे और उपस्थित लोगों ने खड़े होकर माताओं का सम्मान किया।
फिजियोथेरेपी विशेषज्ञों को मिला सम्मान
फाउंडेशन ने फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले विशेषज्ञों को “अवार्ड ऑफ ऑनर” से सम्मानित किया। इन विशेषज्ञों ने वर्षों तक दिव्यांग और विशेष आवश्यकताओं वाले बच्चों के उपचार और पुनर्वास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
सेरेब्रल पाल्सी पर पुस्तक का लोकार्पण
कार्यक्रम के दौरान सेरेब्रल पाल्सी विषय पर प्रकाशित एक महत्वपूर्ण पुस्तक का लोकार्पण भी किया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पुस्तक अभिभावकों, चिकित्सकों और शिक्षकों के लिए उपयोगी मार्गदर्शिका साबित होगी।
बीएल वर्मा ने कहा— मानवता की सच्ची सेवा कर रही है संस्था
केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि फर्स्ट वन रिहैब फाउंडेशन केवल समाज सेवा नहीं कर रही बल्कि मानवता की सच्ची सेवा का उदाहरण प्रस्तुत कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि— सरकारी नौकरियों में आरक्षण 3% से बढ़ाकर 4% किया गया। उच्च शिक्षा में आरक्षण 3% से बढ़ाकर 5% किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है।
डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने याद किए अटल बिहारी वाजपेयी
पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने अपने संबोधन में कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने “विकलांग” शब्द की जगह “दिव्यांग” शब्द देकर समाज को नई सोच प्रदान की। उन्होंने कहा कि यह केवल शब्द परिवर्तन नहीं था बल्कि सम्मान और आत्मविश्वास का संदेश था। उन्होंने कहा कि शारीरिक सीमाएं किसी व्यक्ति की प्रतिभा को सीमित नहीं कर सकतीं।
उद्योग जगत ने भी सराहा संस्था का कार्य
यू-फ्लैक्स के लीगल एंड कॉरपोरेट अफेयर्स प्रेसिडेंट दिनेश जैन ने फाउंडेशन द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि डॉ. महिपाल सिंह और उनकी टीम समाज के उस वर्ग के लिए काम कर रही है जिसे सबसे अधिक सहयोग की आवश्यकता होती है।
कवि सम्मेलन बना उत्सव का स्वर्णिम अध्याय
दिनभर सामाजिक गतिविधियों और सम्मान समारोह के बाद रात को आयोजित भव्य कवि सम्मेलन कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण बन गया। देर रात तक हजारों श्रोता कवियों की रचनाओं का आनंद लेते रहे।
डॉ. विष्णु सक्सेना ने प्रेम रस से बांधा समां
प्रख्यात कवि डॉ. विष्णु सक्सेना ने अपनी श्रृंगार रस की रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी कविताओं में प्रेम, संवेदना और जीवन के भावनात्मक पक्ष का सुंदर चित्रण देखने को मिला।
शम्भू शिखर और विनोद पांडेय ने हंसी से भर दिया माहौल
मशहूर हास्य कवि शम्भू शिखर और विनोद पांडेय ने अपने व्यंग्य और हास्य से ऐसा माहौल बनाया कि पूरा पंडाल ठहाकों से गूंज उठा। श्रोताओं ने बार-बार तालियां बजाकर कवियों का उत्साहवर्धन किया।
कवयित्री शशी पांडेय ने प्रेम की अनुभूतियों को दिया शब्द
कवयित्री शशी पांडेय ने अपनी संवेदनशील कविताओं के माध्यम से प्रेम, रिश्तों और मानवीय भावनाओं को अभिव्यक्ति दी। उनकी रचनाओं को युवा वर्ग ने विशेष रूप से सराहा।
देशभक्ति की कविताओं पर गूंजती रहीं तालियां
कवि सम्मेलन में प्रस्तुत देशभक्ति की कविताओं ने भी लोगों के मन में राष्ट्रप्रेम की भावना को जागृत किया। कई बार पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
विनोद पांडेय ने किया शानदार संचालन
मंच संचालन की जिम्मेदारी मशहूर हास्य कवि विनोद पांडेय ने संभाली। उन्होंने अपनी शैली और हास्यपूर्ण टिप्पणियों से कार्यक्रम को अंत तक रोचक बनाए रखा।
शहर की प्रमुख हस्तियों को मिला ‘स्मृति सम्मान’
कवि सम्मेलन के दौरान शहर के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली हस्तियों को “स्मृति सम्मान” से सम्मानित किया गया। सम्मानित प्रमुख व्यक्तियों में शामिल रहे—
- डॉ. पीयूष द्विवेदी (नेक्सजेन एनर्जिया लिमिटेड एवं उद्योग व्यापार मंडल)
- यूपी केसरी सतपाल यादव
- सत्यम पांडेय
- सत्यनारायण गोयल
- नीरज शर्मा
- महेश सक्सेना
- पवन यादव
- शिवम यादव
- अजय कुमार गुप्ता
- नरोत्तम शर्मा
- मनोज चौधरी
- शिवकुमार तिवारी
- सुरोजित दास गुप्ता
- नरेश प्रधान
- आकाश शर्मा
सामाजिक समरसता और जनभागीदारी का उदाहरण बना आयोजन
फर्स्ट वन रिहैब फाउंडेशन का यह वार्षिक उत्सव केवल एक समारोह नहीं था बल्कि सामाजिक समरसता, दिव्यांग सशक्तिकरण और सांस्कृतिक जागरण का प्रतीक बनकर उभरा।
इस आयोजन ने दिखाया कि जब समाज, सरकार, उद्योग जगत और साहित्यकार एक मंच पर आते हैं तो सकारात्मक परिवर्तन की नई संभावनाएं जन्म लेती हैं।
