मध्य पूर्व में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव तथा हालिया सैन्य घटनाक्रमों के बीच एक रक्षा प्रणाली का नाम लगातार चर्चा में है—C-RAM (Counter Rocket, Artillery and Mortar System)। यह ऐसा एयर डिफेंस सिस्टम है जिसे दुश्मन की ओर से दागे गए रॉकेट, मोर्टार और कम दूरी के हवाई खतरों को रोकने के लिए विकसित किया गया है।
हाल के संघर्षों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और दूतावासों की सुरक्षा के लिए C-RAM की तैनाती को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ड्रोन, रॉकेट और कम दूरी के हमलों के बढ़ते खतरे के बीच यह प्रणाली अमेरिकी सुरक्षा रणनीति का अहम हिस्सा बन चुकी है।
क्या है सी-रैम (C-RAM) सिस्टम? आसान भाषा में समझिए
सी-रैम (C-RAM) का पूरा नाम काउंटर रॉकेट, आर्टिलरी एंड मोर्टार (Counter Rocket, Artillery and Mortar) है। सरल शब्दों में कहें तो सी-रैम एक सुरक्षा कवच (ढाल) की तरह काम करता है, जो दुश्मन की ओर से दागे गए रॉकेट, मोर्टार गोले और कुछ प्रकार के ड्रोन को हवा में ही नष्ट करने की कोशिश करता है, ताकि वे अपने लक्ष्य तक न पहुंच सकें।
कैसे काम करता है सी-रैम?
मान लीजिए किसी सैन्य ठिकाने पर दुश्मन ने रॉकेट दाग दिया।
- सबसे पहले सी-रैम का रडार उस रॉकेट को पहचान लेता है।
- फिर कंप्यूटर उसकी गति और दिशा का पता लगाता है।
- इसके बाद सिस्टम अपनी तेज गति वाली गन से हजारों गोलियां दागता है।
- ये गोलियां हवा में ही रॉकेट को मार गिराने की कोशिश करती हैं।
यानी सी-रैम का काम दुश्मन के हमले को लक्ष्य तक पहुंचने से पहले रोकना है।
सी-रैम की खासियत
- कुछ ही सेकंड में खतरे की पहचान कर लेता है।
- 24 घंटे निगरानी करने में सक्षम।
- सैन्य ठिकानों, एयरबेस और महत्वपूर्ण इमारतों की सुरक्षा के लिए उपयोग किया जाता है।
- रॉकेट, मोर्टार और कुछ ड्रोन हमलों को रोक सकता है।
क्यों चर्चा में है?
ईरान-अमेरिका तनाव के बीच अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर रॉकेट और ड्रोन हमलों की आशंका को देखते हुए सी-रैम सिस्टम को अमेरिकी सेना की “अंतिम सुरक्षा ढाल” (Last Line of Defense) माना जा रहा है।
एक लाइन में:
सी-रैम (C-RAM) एक ऐसी अमेरिकी रक्षा प्रणाली है जो दुश्मन के रॉकेट, मोर्टार और ड्रोन को हवा में ही मार गिराकर सैन्य ठिकानों की सुरक्षा करती है।
क्या है C-RAM सिस्टम?
1. बिजली जैसी तेज प्रतिक्रिया
सी-रैम की सबसे बड़ी खासियत इसकी तेज़ गति है। जैसे ही कोई रॉकेट, मोर्टार या ड्रोन इसकी निगरानी सीमा में आता है, यह कुछ ही सेकंड में खतरे को पहचानकर कार्रवाई शुरू कर देता है। यही वजह है कि अचानक होने वाले हमलों से बचाव में इसे बेहद प्रभावी माना जाता है।
2. चारों तरफ से सुरक्षा
सी-रैम का रडार 360 डिग्री तक निगरानी कर सकता है। यानी हमला किसी भी दिशा से हो, यह उसे पकड़ने और उसका जवाब देने में सक्षम है।
3. ड्रोन के खिलाफ भी कारगर
आज के युद्धों में छोटे ड्रोन बड़ा खतरा बन गए हैं। सी-रैम कम ऊंचाई पर उड़ने वाले ड्रोन और अन्य छोटे हवाई खतरों को भी पहचानकर उन्हें नष्ट करने की क्षमता रखता है।
4. कहीं भी तैनात किया जा सकता है
सी-रैम को ट्रकों या मोबाइल प्लेटफॉर्म पर लगाया जा सकता है। इसलिए जरूरत पड़ने पर इसे तेजी से एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाया जा सकता है।
5. महत्वपूर्ण ठिकानों की सुरक्षा
अमेरिका और उसके सहयोगी देश इस प्रणाली का उपयोग सैन्य अड्डों, एयरबेस, दूतावासों, कमांड सेंटर और अन्य संवेदनशील ठिकानों की सुरक्षा के लिए करते हैं।
क्या C-RAM वास्तव में एक मिसाइल है?
नाम सुनकर कई लोगों को लगता है कि सी-रैम कोई मिसाइल होगी, लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं है। सी-रैम कोई मिसाइल नहीं बल्कि एक अत्याधुनिक रडार नियंत्रित स्वचालित गन सिस्टम है। जब यह किसी खतरे को पहचानता है तो मिसाइल नहीं छोड़ता, बल्कि अपनी तेज गति वाली गन से प्रति मिनट हजारों गोलियां दागता है और आने वाले रॉकेट, मोर्टार या ड्रोन को हवा में ही नष्ट करने की कोशिश करता है।
आसान भाषा में समझिए
अगर कोई रॉकेट किसी सैन्य अड्डे की ओर बढ़ रहा है, तो सी-रैम उसे देखकर अपनी गन से इतनी तेज़ फायरिंग करता है कि रॉकेट लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही हवा में फट जाए। यही कारण है कि रक्षा विशेषज्ञ सी-रैम को “अंतिम सुरक्षा कवच” (Last Line of Defense) भी कहते हैं। जब अन्य सुरक्षा प्रणालियां किसी खतरे को नहीं रोक पातीं, तब सी-रैम आखिरी रक्षा पंक्ति के रूप में काम करता है।
