लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शारदीय नवरात्र और दशहरा के अवसर पर राज्य सरकार ने छुट्टियों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को महानवमी के अवसर पर पूरे प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। इससे पहले 20 अक्टूबर को विजयादशमी यानी दशहरे का अवकाश निर्धारित था। नए फैसले के बाद सरकारी कर्मचारियों को लगातार दो दिन, जबकि रविवार की साप्ताहिक छुट्टी जोड़ने पर तीन दिन का अवकाश मिल रहा है। राज्य सरकार ने इस संबंध में संशोधित आदेश जारी किया है।
सरकार के इस फैसले से सरकारी कार्यालयों, संबंधित संस्थानों और शिक्षण संस्थानों में छुट्टी को लेकर स्थिति स्पष्ट हुई है। महानवमी और विजयादशमी दोनों ही शारदीय नवरात्र के महत्वपूर्ण अवसर हैं। इन दिनों मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, दुर्गा सप्तशती का पाठ, कन्या पूजन, रामलीला और धार्मिक आयोजन होते हैं। सार्वजनिक अवकाश मिलने से लोगों को इन आयोजनों में शामिल होने और परिवार के साथ त्योहार मनाने का अवसर मिलेगा।
19 अक्टूबर को सार्वजनिक अवकाश क्यों घोषित किया गया?
उत्तर प्रदेश में पहले 20 अक्टूबर को महानवमी और विजयादशमी के अवसर पर अवकाश की व्यवस्था थी। लेकिन इस वर्ष त्योहारों की तिथियों को देखते हुए 19 अक्टूबर को भी सार्वजनिक छुट्टी देने का निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने संशोधित आदेश जारी किया। यह निर्णय सरकारी कर्मचारियों और कर्मचारी संगठनों की मांग के बाद लिया गया।
प्रमुख सचिव (सामान्य प्रशासन) एसवीएस रंगा राव की ओर से जारी आदेश के अनुसार, 19 अक्टूबर को महानवमी के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश रहेगा। आदेश की सूचना संबंधित अधिकारियों और विभागों को भेजी गई। इसमें मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों, उच्च न्यायालय, बैंकों और संबंधित विभागों को संशोधित छुट्टी व्यवस्था से अवगत कराने की बात कही गई है।
इस घोषणा का सीधा असर सरकारी कामकाज पर पड़ेगा। जिन कार्यालयों में सामान्य प्रशासनिक कार्य होते हैं, वहां नियमित कामकाज अवकाश के कारण प्रभावित रहेगा। हालांकि, आवश्यक सेवाओं, आपातकालीन व्यवस्थाओं और उन संस्थानों की स्थिति अलग हो सकती है, जिनके लिए अलग से निर्देश जारी किए जाते हैं।
रविवार से मंगलवार तक छुट्टियों का क्रम
इस बार तारीखों के क्रम के कारण लोगों को लगातार तीन दिन छुट्टी का लाभ मिल रहा है। रविवार, 18 अक्टूबर को साप्ताहिक अवकाश था। सोमवार, 19 अक्टूबर को महानवमी का सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। मंगलवार, 20 अक्टूबर को विजयादशमी यानी दशहरे का अवकाश निर्धारित है।
इस तरह सरकारी कर्मचारियों के लिए रविवार से मंगलवार तक लगातार तीन दिन का अवकाश बन रहा है। हालांकि, सभी कर्मचारियों और संस्थानों की छुट्टी व्यवस्था एक जैसी हो, यह जरूरी नहीं है। जिन विभागों में शिफ्ट के आधार पर काम होता है या जहां आवश्यक सेवाएं संचालित रहती हैं, वहां संबंधित विभाग के नियम लागू होंगे।
त्योहारों के इस क्रम का असर बाजारों, मंदिरों, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक आयोजनों पर भी दिखाई दे सकता है। कई परिवार इस समय का उपयोग पूजा-पाठ, रिश्तेदारों से मिलने और धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए करते हैं। जिन लोगों को सरकारी कार्यालयों में काम कराना है, उन्हें अवकाश के बाद कार्यालय खुलने की तारीख और संबंधित विभाग के समय की जानकारी पहले से ले लेनी चाहिए।
स्कूल-कॉलेजों में कितने दिन की छुट्टी?
महानवमी के अवकाश को लेकर विद्यार्थियों और अभिभावकों के मन में सबसे बड़ा सवाल स्कूल-कॉलेजों के खुलने को लेकर है। उत्तर प्रदेश में 19 अक्टूबर को सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की गई है। वहीं, दशहरे के अवसर पर 20 अक्टूबर को भी छुट्टी निर्धारित है। कई स्कूलों में अक्टूबर के दौरान शरदकालीन अवकाश यानी ऑटम ब्रेक का कार्यक्रम भी लागू है। ऐसे में विद्यार्थियों की छुट्टी की कुल अवधि स्कूल, बोर्ड और स्थानीय शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार अलग हो सकती है।
अभिभावकों को सलाह है कि वे स्कूल की ओर से जारी आधिकारिक नोटिस देखकर ही कक्षाएं दोबारा शुरू होने की तारीख तय करें। सरकारी स्कूलों, निजी स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के शैक्षणिक कैलेंडर में अंतर हो सकता है। इसलिए यह मान लेना सही नहीं होगा कि प्रदेश के सभी शिक्षण संस्थान एक ही तारीख को खुलेंगे।
छात्रों के लिए यह अवकाश त्योहार मनाने के साथ पढ़ाई की तैयारी व्यवस्थित करने का अवसर भी है। जिन संस्थानों में परीक्षाएं, प्रवेश प्रक्रिया या पहले से निर्धारित कार्यक्रम चल रहे हैं, उन्हें अपने संस्थान की ओर से जारी अलग सूचना का पालन करना चाहिए।
बैंक और सरकारी सेवाओं पर क्या होगा असर?
19 अक्टूबर को सार्वजनिक अवकाश घोषित किए जाने के बाद बैंकिंग सेवाओं को लेकर भी लोगों को ध्यान देना चाहिए। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में महानवमी के अवसर पर बैंक शाखाओं में भी अवकाश रहेगा। इसके बाद 20 अक्टूबर को विजयादशमी के कारण भी बैंक बंद रहने की व्यवस्था बताई गई है। हालांकि, बैंक अवकाश की पुष्टि के लिए भारतीय रिजर्व बैंक की राज्यवार सूची और संबंधित बैंक की सूचना देखना उपयोगी होगा।
बैंक शाखाएं बंद होने पर भी डिजिटल बैंकिंग की कई सेवाएं उपलब्ध रहती हैं। ग्राहक यूपीआई, मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और एटीएम के माध्यम से सामान्य डिजिटल लेन-देन कर सकते हैं। हालांकि, चेक क्लियरेंस, शाखा में नकद जमा या निकासी और अन्य काउंटर सेवाओं में देरी हो सकती है।
यदि किसी व्यक्ति को बैंक में जरूरी दस्तावेज जमा करने, ऋण से जुड़ा काम कराने, पेंशन या अन्य वित्तीय प्रक्रिया पूरी करने की आवश्यकता है, तो उसे शाखा के खुलने के दिन की पुष्टि करनी चाहिए। इसी तरह सरकारी कार्यालयों में प्रमाणपत्र, आवेदन, राजस्व संबंधी काम और अन्य प्रशासनिक सेवाओं के लिए जाने से पहले संबंधित कार्यालय की सूचना देखना बेहतर होगा।
महानवमी का धार्मिक महत्व
महानवमी शारदीय नवरात्र का नौवां दिन है। इस दिन मां दुर्गा के सिद्धिदात्री स्वरूप की पूजा की जाती है। नवरात्र के दौरान भक्त नौ दिनों तक उपवास, पूजा-पाठ और देवी आराधना करते हैं। महानवमी पर कई परिवारों में कन्या पूजन और हवन किया जाता है। मंदिरों में विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं और श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
उत्तर प्रदेश में नवरात्र और दशहरे का विशेष सांस्कृतिक महत्व है। लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, अयोध्या, कानपुर, गोरखपुर और अन्य शहरों में दुर्गा पूजा, रामलीला तथा देवी मंदिरों से जुड़े आयोजन होते हैं। महानवमी के दिन कई स्थानों पर नवरात्र का समापन हवन और कन्या पूजन के साथ किया जाता है, जबकि कुछ परंपराओं में विजयादशमी के दिन भी पूजा-पाठ की विशेष व्यवस्था रहती है।
तिथि और पूजा की विधि स्थानीय परंपराओं के अनुसार अलग हो सकती है। इसलिए धार्मिक अनुष्ठान करने वाले लोग अपने क्षेत्र के पंचांग या मंदिर की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार पूजा का समय तय करते हैं।
महानवमी के बाद विजयादशमी, बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व
महानवमी के अगले दिन विजयादशमी या दशहरा मनाया जाता है। यह पर्व भगवान राम की रावण पर विजय और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। देश के अनेक हिस्सों में इस अवसर पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाता है। रामलीला के मंचन और शोभायात्राओं के माध्यम से रामकथा के प्रसंगों को प्रस्तुत किया जाता है।
उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में दशहरे के अवसर पर मेलों, रामलीला और सार्वजनिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है। इन आयोजनों में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना रहती है। इसलिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस आम तौर पर भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था और सुरक्षा पर ध्यान देते हैं। लोगों को आयोजन स्थलों पर प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए।
