नई दिल्ली [TV 47 न्यूज नेटवर्क ]।फ्लाईदुबई की उड़ान में हुए खौफनाक कॉकपिट हमले के बाद भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बातचीत की। इस घटना से जुड़े सामने आए वीडियो और प्रधानमंत्री की ओर से साझा की गई जानकारी ने उस पूरे घटनाक्रम की गंभीरता को सामने रखा है। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने और मदद पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। प्रधानमंत्री मोदी ने उनके साहस, धैर्य और सूझबूझ की सराहना की।
फ्लाईदुबई की उड़ान में आखिर हुआ क्या था?
कैप्टन स्मित मच्छार फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 के कैप्टन थे। यह विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था। 30 सितंबर को उड़ान के दौरान कॉकपिट में कैप्टन और सह-पायलट के बीच गंभीर घटना हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, सह-पायलट ने कैप्टन स्मित पर हमला किया और विमान पर नियंत्रण हासिल करने की कोशिश की। घटना के दौरान स्मित गंभीर रूप से घायल हो गए।
हालात उस समय और गंभीर हो गए जब विमान तेजी से नीचे आने लगा। इसके बाद कैप्टन स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की। इससे यात्रियों और चालक दल के अन्य सदस्यों को अंदर पहुंचने और स्थिति को नियंत्रित करने का मौका मिला। विमान को बाद में सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित रूप से उतारा गया।
सामने आया घायल पायलट का वीडियो
घटना के बाद सामने आए वीडियो में कैप्टन स्मित घायल अवस्था में दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में वह अपने हाथ की स्थिति के बारे में बताते हुए कहते सुनाई देते हैं कि वह हाथ हिला तो सकते हैं, लेकिन मुट्ठी नहीं बना पा रहे हैं। वह यह भी बताते हैं कि उन पर कई बार हमला किया गया।
वीडियो के ये अंश घटना की गंभीरता को समझने में महत्वपूर्ण हैं। घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित लगातार आसपास मौजूद लोगों को स्थिति के बारे में जानकारी देते दिखाई देते हैं। इसी दौरान विमान के भीतर मौजूद लोगों ने उन्हें चिकित्सा सहायता पहुंचाई और हमलावर को काबू करने की कोशिश की।
पीएम मोदी ने परिवार से भी की बातचीत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छार के माता-पिता और पत्नी से भी बातचीत की। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने परिवार से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और भरोसा दिलाया कि भारतीय मिशन परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध करा रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने बाद में सार्वजनिक रूप से भी कैप्टन स्मित के साहस की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि गंभीर खतरे के बावजूद भारतीय पायलट ने धैर्य, सूझबूझ और साहस का परिचय दिया। मोदी ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की टिप्पणी का उल्लेख करते हुए इसे संभावित तौर पर “9/11 जैसी त्रासदी” को टालने वाला घटनाक्रम बताया।
पीएम मोदी ने कहा- भारत को स्मित पर गर्व
प्रधानमंत्री मोदी ने कैप्टन स्मित को “हीरो” बताते हुए कहा कि उनके साहस ने सैकड़ों लोगों की जान बचाने में मदद की। उन्होंने देशवासियों से स्मित के शीघ्र स्वस्थ होने और लंबे जीवन के लिए प्रार्थना करने की अपील भी की।
यह बातचीत ऐसे समय हुई जब कैप्टन स्मित अस्पताल में उपचार करा रहे हैं। उनकी स्थिति को लेकर उपलब्ध रिपोर्टों में बताया गया है कि उन्हें गंभीर चोटें आई थीं, लेकिन उनका उपचार जारी है। भारतीय अधिकारी भी उनके परिवार के संपर्क में हैं।
विमान में मौजूद यात्रियों को कैसे बचाया गया?
पूरे घटनाक्रम में सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि हमले के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खुल सका। इससे दूसरे चालक दल के सदस्य और यात्री कॉकपिट तक पहुंच पाए। इसके बाद हमलावर को नियंत्रित किया गया और विमान को सुरक्षित रूप से तबुक की ओर मोड़ा गया। रिपोर्टों के मुताबिक विमान में सवार सभी यात्री सुरक्षित रहे। यात्रियों की संख्या को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में अलग आंकड़े आए हैं, इसलिए उपलब्ध स्रोतों में इसे 174 से अधिक लोगों के रूप में बताया गया है।
इस घटना की जांच अभी जारी है। सह-पायलट की मंशा और हमले के पीछे के कारणों को लेकर जांच एजेंसियां जानकारी जुटा रही हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, घटना को लेकर संभावित आतंकवादी मंशा की भी जांच की जा रही है, लेकिन अभी तक इसका कोई अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं हुआ है।
कैप्टन स्मित की सूझबूझ पर दुनिया की नजर
घटना के बाद कैप्टन स्मित मच्छार को लेकर भारत ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी के अलावा इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी उनके साहस की प्रशंसा की।
कैप्टन स्मित का मामला इस वजह से भी महत्वपूर्ण है क्योंकि विमान के भीतर किसी भी आपात स्थिति में पायलट का निर्णय सीधे यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ा होता है। इस घटना में गंभीर रूप से घायल होने के बाद भी उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की, जिससे बाकी लोगों को हस्तक्षेप करने का अवसर मिला। यही घटनाक्रम अब सामने आए वीडियो और प्रधानमंत्री मोदी की बातचीत के अंशों के जरिए लोगों तक पहुंच रहा है।
