लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के लिए चयनित 3,567 प्रधानाचार्यों, प्रधानाध्यापकों, प्रवक्ताओं (PGT) और सहायक अध्यापकों (TGT) को नियुक्ति-पत्र वितरित किए। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नवचयनित अभ्यर्थी और उनके परिजन उपस्थित रहे।
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मुख्यमंत्री ने इस अवसर को प्रदेश के युवाओं के सपनों को साकार करने वाला ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया ही सुशासन की पहचान है। उन्होंने कहा कि जब योग्य युवाओं को बिना किसी भेदभाव और भ्रष्टाचार के अवसर मिलेंगे, तभी आत्मनिर्भर और विकसित भारत की संकल्पना साकार होगी।
शिक्षा और रोजगार को लेकर सरकार की बड़ी पहल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि आज नियुक्ति-पत्र प्राप्त करने वाले सभी अभ्यर्थी प्रदेश के भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित नहीं होता, बल्कि वह समाज और राष्ट्र निर्माण का आधार होता है। एक शिक्षक का दायित्व छात्र-छात्राओं को नकारात्मक प्रवृत्तियों से बचाते हुए उनके व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करना भी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यालयों में पहुंचने वाले ये नए शिक्षक आने वाली पीढ़ियों को संस्कार, ज्ञान और राष्ट्रभक्ति का संदेश देंगे।
2017 से पहले की व्यवस्था पर उठाए सवाल
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता का अभाव था। उन्होंने कहा कि उस समय कई ऐसे लोगों को नियुक्ति-पत्र दे दिए जाते थे जो वास्तविक अभ्यर्थी भी नहीं होते थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह व्यवस्था भ्रष्टाचार और बेईमानी की पराकाष्ठा थी। वर्तमान सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाया है, जिससे योग्य अभ्यर्थियों को बिना किसी सिफारिश और लेनदेन के अवसर मिल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य युवाओं को उनकी योग्यता के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराना है और इसी नीति के कारण लाखों युवाओं को सरकारी सेवाओं में अवसर प्राप्त हुए हैं।
प्रयागराज में धरने पर बैठे युवाओं का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान प्रयागराज में धरने पर बैठे कुछ युवाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं की समस्याओं के प्रति संवेदनशील है और इस संबंध में उन्होंने माध्यमिक शिक्षा मंत्री को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) को पत्र लिखने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि योग्य अभ्यर्थियों को न्याय मिले और किसी भी प्रकार की तकनीकी बाधा उनके भविष्य के रास्ते में रुकावट न बने।
कौशल विकास पर भी सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बदलते समय के साथ शिक्षा और कौशल विकास दोनों की आवश्यकता बढ़ी है। प्रदेश सरकार विभिन्न औद्योगिक घरानों और संस्थानों के साथ मिलकर स्किल डेवलपमेंट के नए कार्यक्रम चला रही है।
उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि रोजगारोन्मुखी कौशल भी उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है। इससे उन्हें बेहतर रोजगार अवसर मिलेंगे और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति और कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।
भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की चेतावनी
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि किसी भी प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, प्रवक्ता या शिक्षक से नियुक्ति अथवा सेवा संबंधी किसी कार्य के लिए धन की मांग की जाती है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। किसी भी स्तर पर लेनदेन या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई शिक्षक या कर्मचारी से धन उगाही का प्रयास करेगा, तो उसे जेल भेजा जाएगा।
शिक्षा व्यवस्था को मिलेगी नई ऊर्जा
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि बड़ी संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति से प्रदेश के सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। लंबे समय से रिक्त पड़े पदों पर नियुक्तियां होने से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।
विशेष रूप से ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों के विद्यालयों को इसका लाभ मिलेगा, जहां शिक्षकों की कमी लंबे समय से महसूस की जा रही थी।
नवचयनित अभ्यर्थियों में उत्साह
नियुक्ति-पत्र प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों और उनके परिवारों में उत्साह का माहौल दिखाई दिया। कई अभ्यर्थियों ने इसे अपने जीवन का सबसे महत्वपूर्ण दिन बताया। उनका कहना था कि लंबे इंतजार और कठिन तैयारी के बाद उन्हें यह सफलता मिली है।
परिजनों ने भी सरकार की पारदर्शी चयन प्रक्रिया की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि इससे प्रदेश के अन्य युवाओं को भी प्रेरणा मिलेगी।
शिक्षा के माध्यम से विकसित उत्तर प्रदेश का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज और राष्ट्र की प्रगति का आधार होती है। यदि शिक्षक अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करें तो प्रदेश का भविष्य और अधिक उज्ज्वल बन सकता है।
उन्होंने सभी नवचयनित शिक्षकों से आह्वान किया कि वे अपने दायित्वों का निष्ठा और समर्पण के साथ पालन करें तथा विद्यार्थियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करें।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी चयनित अभ्यर्थियों और उनके परिवारों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
