नई दिल्ली [TV 47 न्यूज नेटवर्क ]। वाराणसी से नई दिल्ली के बीच अब रात का सफर और आरामदायक होने जा रहा है। भारतीय रेलवे 31 अक्टूबर 2026 को देश की नई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस को वाराणसी-नई दिल्ली रूट पर शुरू कर रहा है। इस ट्रेन में यात्रियों को थर्ड एसी, सेकेंड एसी और फर्स्ट एसी की सुविधा मिलेगी। 16 कोच वाली ट्रेन में कुल 823 बर्थ होंगी। करीब 759 किलोमीटर की दूरी तय करने वाली यह ट्रेन रात में चलेगी और सुबह दिल्ली पहुंचाएगी। लेकिन यात्रियों के मन में सबसे बड़ा सवाल है कि इसका किराया कितना होगा, टिकट की बुकिंग कब से शुरू होगी और इसमें कौन-कौन सी सुविधाएं मिलेंगी?
वाराणसी और दिल्ली के बीच रोजाना बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं। इनमें काशी विश्वनाथ के दर्शन करने वाले श्रद्धालु, विद्यार्थी, नौकरीपेशा लोग, कारोबारी और पर्यटक शामिल हैं। अभी इस रूट पर कई ट्रेनें चलती हैं, लेकिन रात में कम समय में आरामदायक यात्रा की मांग लंबे समय से बनी हुई है।
वंदे भारत स्लीपर इसी जरूरत को ध्यान में रखकर शुरू की जा रही है। यह सामान्य चेयरकार वंदे भारत से अलग होगी। इसमें बैठने के बजाय सोने के लिए आधुनिक बर्थ होंगी। रेलवे की योजना इसे तेज, सुरक्षित और आरामदायक रात्रिकालीन यात्रा का विकल्प बनाने की है।
रेलवे मंत्रालय की 30 अक्टूबर 2026 की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव 31 अक्टूबर को इस सेवा को हरी झंडी दिखाएंगे।
1. वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर कब से चलेगी?
वाराणसी से नई दिल्ली के बीच वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का उद्घाटन 31 अक्टूबर 2026 को निर्धारित है। यह उत्तर प्रदेश की पहली वंदे भारत स्लीपर सेवा होगी। इस ट्रेन को विशेष रूप से लंबी दूरी की रात की यात्रा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
इसका नियमित संचालन छह दिन होगा। वाराणसी से शुक्रवार को ट्रेन नहीं चलेगी, जबकि दिल्ली से शनिवार को इसका संचालन नहीं होगा।
रेलवे बोर्ड ने इस सेवा के लिए ट्रेन नंबर भी निर्धारित किए हैं।
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वाराणसी से नई दिल्ली: 27421
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नई दिल्ली से वाराणसी: 27422
31 अक्टूबर को उद्घाटन के लिए विशेष ट्रेन नंबर 02527 निर्धारित किया गया था। उद्घाटन स्पेशल और नियमित व्यावसायिक सेवा के समय में अंतर हो सकता है।
2. वाराणसी से दिल्ली का पूरा टाइम टेबल
रेलवे मंत्रालय की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, नियमित सेवा का समय इस प्रकार है।
| विवरण | वाराणसी से दिल्ली | दिल्ली से वाराणसी |
|---|---|---|
| ट्रेन नंबर | 27421 | 27422 |
| प्रस्थान | रात 8:50 बजे | रात 9:40 बजे |
| गंतव्य पर आगमन | सुबह 6:10 बजे | सुबह 7:10 बजे |
| यात्रा | रातभर | रातभर |
| संचालन | छह दिन | छह दिन |
नोट: 31 अक्टूबर की उद्घाटन स्पेशल का समय नियमित सेवा से अलग निर्धारित किया गया था। ऊपर नियमित सेवा का समय रेल मंत्रालय की प्रेस विज्ञप्ति के आधार पर दिया गया है।
इस ट्रेन से वाराणसी से दिल्ली पहुंचने में लगभग 9 घंटे 20 मिनट लगेंगे। वापसी में भी लगभग 9 घंटे 30 मिनट का समय निर्धारित है।
यह ट्रेन वाराणसी से रात में रवाना होगी। यात्रियों को सुबह दिल्ली पहुंचने का विकल्प मिलेगा। इससे दिन के समय का उपयोग कामकाज, बैठक या पर्यटन के लिए किया जा सकेगा।
3. किन स्टेशनों पर रुकेगी वंदे भारत स्लीपर?
वाराणसी और नई दिल्ली के बीच इस ट्रेन को सीमित स्टॉपेज दिए गए हैं।
प्रमुख स्टेशन इस प्रकार हैं:
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वाराणसी जंक्शन
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प्रयागराज जंक्शन
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कानपुर सेंट्रल
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अलीगढ़
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गाजियाबाद
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नई दिल्ली
रेलवे बोर्ड की जानकारी के अनुसार, चिपियाना बुजुर्ग में तकनीकी ठहराव भी निर्धारित है। इस रूट से पूर्वांचल, प्रयागराज, कानपुर, अलीगढ़ और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के यात्रियों को फायदा होगा।
खास बात यह है कि प्रयागराज और कानपुर जैसे बड़े शहरों को इस ट्रेन से सीधे जोड़ा गया है। इससे इन शहरों के यात्रियों को दिल्ली पहुंचने के लिए अलग ट्रेन तलाशने की जरूरत कम हो सकती है।
फोटो जनरेशन की सुविधा अभी उपलब्ध नहीं हो सकी है। खबर के लिए वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की तस्वीर उपयुक्त रहेगी।
4. वंदे भारत स्लीपर का पूरा किराया चार्ट
| श्रेणी | बर्थ की संख्या | मूल किराया |
|---|---|---|
| थर्ड एसी (3AC) | 611 | ₹1,821.60 |
| सेकेंड एसी (2AC) | 188 | ₹2,352.90 |
| फर्स्ट एसी (1AC) | 24 | ₹2,884.20 |
| कुल | 823 |
ये 759 किलोमीटर के लिए सर्कुलर की मूल किराया दरें हैं। इन पर लागू GST अलग से लगेगा। टिकट बुकिंग के समय IRCTC पर दिखाई देने वाली अंतिम राशि ही भुगतान योग्य होगी।
किराये को लेकर जरूरी बात: कुछ शुरुआती मीडिया रिपोर्टों में 3AC के लिए 2200 से 2400 रुपये और 1AC के लिए 3800 से 4100 रुपये तक अनुमान दिया गया था। वे अनुमान थे। रेलवे बोर्ड की दूरी आधारित किराया तालिका को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
5. कितने कोच होंगे, किस श्रेणी में कितनी सीटें?
वंदे भारत स्लीपर में कुल 16 कोच होंगे। इनमें तीन श्रेणियों की व्यवस्था की गई है।
| कोच श्रेणी | कोच | कुल बर्थ |
|---|---|---|
| थर्ड एसी | 11 | 611 |
| सेकेंड एसी | 4 | 188 |
| फर्स्ट एसी | 1 | 24 |
| कुल | 16 | 823 |
इसका अर्थ है कि ट्रेन में सबसे ज्यादा बर्थ थर्ड एसी की होंगी। सामान्य यात्रियों के लिए यह अपेक्षाकृत किफायती विकल्प रहेगा। फर्स्ट एसी में कम यात्रियों के लिए अधिक निजी और आरामदायक व्यवस्था उपलब्ध होगी।
6. वंदे भारत स्लीपर में मिलेंगी ये आधुनिक सुविधाएं
प्रमुख सुविधाएं इस प्रकार हैं:
1. आरामदायक बर्थ: यात्रियों को बेहतर कुशनिंग वाली बर्थ दी गई हैं। इनका डिजाइन लंबी दूरी की यात्रा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
2. ऑटोमैटिक दरवाजे: कोच के बीच आने-जाने के लिए आधुनिक ऑटोमैटिक दरवाजे लगाए गए हैं।
3. बेहतर सस्पेंशन: ट्रेन में उन्नत सस्पेंशन प्रणाली है। इसका उद्देश्य यात्रा के दौरान झटकों और शोर को कम करना है।
4. चार्जिंग सुविधा: यात्रियों के लिए मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण चार्ज करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
5. रीडिंग लाइट: प्रत्येक यात्री के लिए पढ़ने की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रीडिंग लाइट दी गई है।
6. आधुनिक शौचालय: स्वच्छता और यात्रियों की सुविधा के लिए बेहतर डिजाइन वाले टॉयलेट उपलब्ध कराए गए हैं।
7. इमरजेंसी टॉकबैक: किसी आपात स्थिति में यात्री ट्रेन के स्टाफ से संपर्क कर सकेंगे।
8. डिसइन्फेक्शन तकनीक: ट्रेन में स्वच्छता बनाए रखने के लिए आधुनिक कीटाणुशोधन तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।
9. बेहतर सुरक्षा: ट्रेन में कवच सुरक्षा प्रणाली और आधुनिक ड्राइवर कैब नियंत्रण व्यवस्था दी गई है।
10. बेहतर प्राइवेसी: कोचों में यात्रियों की निजता और आराम को ध्यान में रखकर व्यवस्था की गई है।
7. ट्रेन की अधिकतम रफ्तार कितनी होगी?
वंदे भारत स्लीपर को सेमी हाईस्पीड ट्रेन के रूप में विकसित किया गया है। इसकी डिजाइन गति 180 किलोमीटर प्रति घंटा तक है, जबकि स्वीकृत परिचालन गति 160 किलोमीटर प्रति घंटा बताई गई है।
हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि ट्रेन पूरे रास्ते 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी। वास्तविक गति ट्रैक की स्थिति, सिग्नल, सुरक्षा नियम और निर्धारित समय-सारिणी पर निर्भर करेगी।
ट्रेन का निर्माण BEML ने चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) की तकनीकी सहायता से किया है।
8. टिकट की बुकिंग कब से शुरू होगी?
यह यात्रियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण सवाल है। 27 अक्टूबर से टिकट बुकिंग शुरू होने की कुछ मीडिया रिपोर्टें सामने आई थीं। लेकिन शुरुआती रिपोर्टों में बुकिंग की तारीख और किराये को लेकर अनुमान भी शामिल थे।
31 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक रेलवे प्रेस विज्ञप्ति में उद्घाटन की जानकारी दी गई है, लेकिन नियमित व्यावसायिक संचालन की पहली तारीख और आरक्षण शुरू होने की तारीख स्पष्ट रूप से नहीं बताई गई है।
इसलिए यात्रियों को टिकट बुकिंग के लिए IRCTC पर ट्रेन नंबर 27421 और 27422 की उपलब्धता देखनी चाहिए।
टिकट बुक करने के तरीके:
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IRCTC की वेबसाइट खोलें।
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अपने अकाउंट से लॉगिन करें।
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From में Varanasi और To में New Delhi चुनें।
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यात्रा की तारीख दर्ज करें।
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ट्रेन नंबर 27421 या 27422 खोजें।
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उपलब्ध श्रेणी चुनकर यात्री विवरण भरें।
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अंतिम किराया देखकर डिजिटल भुगतान करें।
टिकट रेलवे स्टेशन के आरक्षण काउंटर से भी बुक किया जा सकता है।
आधिकारिक बुकिंग की तारीख की पुष्टि के लिए: IRCTC की वेबसाइट।
रेलवे बोर्ड के किराया सर्कुलर के अनुसार इस ट्रेन में RAC की व्यवस्था नहीं होगी। उपलब्ध बर्थ अग्रिम आरक्षण अवधि के पहले दिन से बुकिंग के लिए जारी की जाएंगी।
9. किन यात्रियों को सबसे ज्यादा फायदा होगा?
वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर से कई वर्गों के यात्रियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
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काशी आने वाले श्रद्धालु: दिल्ली और आसपास के शहरों से काशी विश्वनाथ के दर्शन के लिए आने वाले लोगों को रात में यात्रा का विकल्प मिलेगा।
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विद्यार्थी: दिल्ली में पढ़ने वाले पूर्वांचल के छात्रों को आवागमन में सुविधा होगी।
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नौकरीपेशा लोग: रात में सफर करके सुबह दिल्ली या वाराणसी पहुंचना आसान होगा।
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व्यापारी: कानपुर और दिल्ली के कारोबारियों को तेज संपर्क मिलेगा।
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प्रयागराज के यात्री: ट्रेन के ठहराव से प्रयागराज के यात्रियों को भी लाभ मिलेगा।
इसके अलावा गाजियाबाद और अलीगढ़ के यात्रियों को भी इस सेवा से बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलेगी।
10. शिवगंगा एक्सप्रेस से कितनी तेज होगी नई ट्रेन?
वाराणसी और दिल्ली के बीच पहले से शिवगंगा एक्सप्रेस यात्रियों की प्रमुख पसंद रही है। रेल मंत्रालय के अनुसार नई वंदे भारत स्लीपर से वाराणसी से दिल्ली की यात्रा में शिवगंगा एक्सप्रेस की तुलना में लगभग 55 मिनट की बचत होगी। दिल्ली से वाराणसी आने में करीब 35 मिनट कम लगेंगे।
यह समय बचत उन यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण है जो नियमित रूप से दोनों शहरों के बीच सफर करते हैं। हालांकि, किराये के मामले में वंदे भारत स्लीपर प्रीमियम श्रेणी की ट्रेन होगी। इसलिए यात्रियों को समय, आराम और बजट के आधार पर विकल्प चुनना होगा।
पूर्वांचल और दिल्ली के बीच रात का सफर होगा आधुनिक
वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस उत्तर प्रदेश की रेल कनेक्टिविटी के लिहाज से महत्वपूर्ण शुरुआत है। 16 कोच और 823 बर्थ वाली इस ट्रेन में थर्ड एसी, सेकेंड एसी और फर्स्ट एसी की सुविधा मिलेगी।
इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि यात्री रात में सफर करके सुबह अपने गंतव्य पर पहुंच सकेंगे। बेहतर बर्थ, आधुनिक सुरक्षा प्रणाली और कम यात्रा समय इसे प्रीमियम रात्रिकालीन रेल सेवा बनाएंगे।
हालांकि, यात्रियों के लिए अंतिम निर्णय किराये और बर्थ की उपलब्धता पर निर्भर करेगा। नियमित व्यावसायिक संचालन और टिकट बुकिंग की आधिकारिक तारीख सामने आने के बाद इस ट्रेन की वास्तविक लोकप्रियता का आकलन किया जा सकेगा।
