गाजियाबाद। श्री सनातन परिवार फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा एवं श्री कृष्ण नाम महायज्ञ का शुभारंभ शनिवार को भक्तिमय वातावरण के बीच हुआ। राजनगर एक्सटेंशन स्थित कथा स्थल पर पहले ही दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और भगवान श्रीकृष्ण की महिमा का श्रवण किया। पूरे परिसर में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा ने पहुंचकर आयोजन की शोभा बढ़ाई। उनके साथ डीआईजी केशव चौधरी, एसीपी नंदग्राम विवेक त्यागी, देवेंद्र सांगवान, नरेंद्र सांगवान एवं डिप्टी मेयर प्रवीण चौधरी सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
गणेश वंदना और कथक नृत्य से हुआ भव्य शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान गणेश की वंदना के साथ हुआ। इसके बाद कलाकारों द्वारा प्रस्तुत कथक नृत्य ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। पारंपरिक भारतीय संस्कृति की झलक प्रस्तुत करने वाली इस मनोहारी प्रस्तुति को उपस्थित लोगों ने खूब सराहा।
कथा स्थल पर धार्मिक सजावट, भजन-कीर्तन और आध्यात्मिक वातावरण ने श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। मंच से भगवान श्रीकृष्ण के जयघोष लगातार गूंजते रहे।
अंतर्राष्ट्रीय कथाव्यास शिवानंद भाई श्री ने प्रारंभ की कथा
तीर्थ नैमिषारण्य से पधारे अंतर्राष्ट्रीय कथाव्यास श्रद्धेय शिवानंद भाई श्री ने श्रीमद्भागवत कथा का विधिवत शुभारंभ किया। अपने प्रवचन में उन्होंने श्रीमद्भागवत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाने वाला दिव्य मार्गदर्शक है।
उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य को सत्य, धर्म, संस्कार और भक्ति का मार्ग दिखाती है। जो व्यक्ति भगवान के नाम का स्मरण करता है, उसके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन स्वतः आने लगते हैं।
“श्रीमद्भागवत जीवन को दिशा देने वाला दिव्य मार्ग है”
अपने उद्बोधन में श्रद्धेय शिवानंद भाई श्री ने कहा—
“श्रीमद्भागवत केवल एक कथा नहीं, बल्कि मनुष्य के जीवन को सत्य, संस्कार और भक्ति की दिशा देने वाला दिव्य मार्ग है। जब मनुष्य भगवान श्रीकृष्ण के नाम का स्मरण करता है, तो उसके जीवन में सकारात्मकता, शांति और सद्भाव का संचार होता है।”
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज तेजी से भौतिक प्रगति की ओर बढ़ रहा है, लेकिन आध्यात्मिक मूल्यों को भी समान महत्व देना आवश्यक है। सनातन संस्कृति मनुष्य को प्रेम, सेवा, करुणा और मानवता का पाठ पढ़ाती है।
जीवन में उतारें कथा का संदेश
श्रद्धेय शिवानंद भाई श्री ने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि भगवान का नाम केवल मंदिरों और कथा स्थलों तक सीमित न रहे, बल्कि दैनिक जीवन का हिस्सा बने।
उन्होंने कहा कि कथा सुनने का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होता है जब उसके संदेश को अपने व्यवहार और जीवन में उतारा जाए। यदि व्यक्ति अपने जीवन में सदाचार, सेवा और भक्ति को स्थान देता है तो उसका जीवन स्वतः सफल और सार्थक बन जाता है।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन मानवता को धर्म, कर्तव्य और प्रेम का संदेश देता है। उनके आदर्श आज भी समाज के लिए उतने ही प्रासंगिक हैं जितने हजारों वर्ष पहले थे।
श्रद्धालुओं में दिखा विशेष उत्साह
कथा के प्रथम दिवस ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने आयोजन की भव्यता को दर्शाया। महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ कथा श्रवण किया।
कथा स्थल पर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं का कहना था कि शिवानंद भाई श्री की वाणी में ऐसा आकर्षण है जो सीधे हृदय को स्पर्श करता है। उनके सरल और प्रभावशाली प्रवचन लोगों को आध्यात्मिक रूप से जोड़ने का कार्य करते हैं।
सनातन संस्कृति के संरक्षण का माध्यम बन रहा आयोजन
आयोजकों के अनुसार श्रीमद्भागवत कथा एवं श्री कृष्ण नाम महायज्ञ का उद्देश्य केवल धार्मिक आयोजन करना नहीं, बल्कि समाज को सनातन संस्कृति के मूल्यों से जोड़ना भी है।
कार्यक्रम के माध्यम से नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, धर्म और आध्यात्मिक परंपराओं से परिचित कराने का प्रयास किया जा रहा है। कथा के दौरान विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
गणमान्य अतिथियों ने की आयोजन की सराहना
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने श्री सनातन परिवार फाउंडेशन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा और नैतिक मूल्यों का संचार करते हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में लोगों को आध्यात्मिक चेतना से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है और श्रीमद्भागवत कथा जैसे आयोजन इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
सात दिनों तक चलेगा आध्यात्मिक महोत्सव
20 से 26 सितंबर तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन में प्रतिदिन श्रीमद्भागवत कथा, भजन-कीर्तन, श्रीकृष्ण नाम संकीर्तन और विभिन्न आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आयोजकों ने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से कथा में शामिल होकर धर्म लाभ प्राप्त करने की अपील की है।
