फाइल फौटो
प्रयागराज [ TV 47 न्यूज नेटवर्क ]। प्रयागराज में धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन का प्रतीक माघ मेला 2026 की तैयारियां जोरों पर हैं। इस बार मेले का आयोजन अत्यंत सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की है। उन्होंने कहा है कि मेला में आने वाले संतों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं, सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, यातायात व्यवस्था, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का ध्यान रखा जाएगा। इस रिपोर्ट में जानिए मुख्यमंत्री योगी की विभिन्न घोषणाओं, योजनाओं और कार्यान्वयन का विस्तृत विवरण।
मुख्यमंत्री योगी का संगम पर गंगा पूजा और मेला की शुरुआत
माघ मेला की शुरुआत शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संगम पर गंगा पूजन और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ की। यह आयोजन मेला की सफलता और सुव्यवस्थित संचालन के लिए शुभ संकेत माना गया। इसके साथ ही उन्होंने मेला की तैयारियों की समीक्षा हेतु प्रयागराज मेला प्राधिकरण के सभागार में बैठक की। इस बैठक में मेला क्षेत्र की साफ-सफाई, सुरक्षा, यातायात, चिकित्सा सेवाएं, आवास, पेयजल, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की योजनाओं पर चर्चा की गई।
सुनिश्चित सुरक्षा और निगरानी का व्यापक प्रबंध
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि मेला क्षेत्र की निगरानी के लिए अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। 400 से अधिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कैमरों का प्रयोग किया जाएगा, जो क्राउड मैनेजमेंट, भीड़ नियंत्रण और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने में मदद करेंगे। पहली बार मेला क्षेत्र में टेंट सिटी का निर्माण किया जाएगा, जिसमें करीब 200 कैंप होंगे, जिससे श्रद्धालु आरामदायक रह सकेंगे।
सुरक्षा के लिए 17 थाने, 42 पुलिस चौकियाँ, 20 फायर टेंडर और अग्निशमन चौकियाँ स्थापित की गई हैं। मेला क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मी तैनात होंगे। साथ ही, यातायात नियंत्रण के लिए विशेष रूट योजना बनाई गई है, जिससे भीड़ का प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके।
सुविधाओं का व्यापक विस्तार: स्वास्थ्य, स्वच्छता और आवास
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य सेवाओं में कोई कमी नहीं रहेगी। इसके लिए दो अस्पतालों का निर्माण किया जा रहा है, जिनमें से प्रत्येक में 20-20 बेड की व्यवस्था है। इसके अतिरिक्त, 12 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, एक वेक्टर कंट्रोल यूनिट, पांच आयुर्वेदिक और पांच होम्योपैथिक चिकित्सालय भी कार्यरत रहेंगे। 50 एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है।
स्वच्छता और स्वायत्तता सुनिश्चित करने के लिए नगर विकास विभाग ने 25,000 से अधिक शौचालय, 8,000 डस्टबिन और 3,000 सफाई कर्मियों की तैनाती का निर्णय लिया है। मेले के दौरान सात सेक्टर में 42 पार्किंग स्थान बनाए गए हैं, जिनसे श्रद्धालु आसानी से अपनी यात्रा का आनंद ले सकें।
आधुनिक यातायात व्यवस्था और परिवहन
मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 3,800 बसें उपलब्ध कराई जाएंगी। इन बसों का संचालन विभिन्न रूटों से किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को समय पर और सुरक्षित यात्रा मिल सके। यातायात का प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए अंतरराज्यीय और अंतरजनपदीय योजना विकसित की जा रही है।
मेला का पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता
मेला क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्लास्टिक के प्रयोग पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। स्वच्छता अभियान को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही, पेयजल और बायोडिग्रेडेबल कचरे का उचित प्रबंधन किया जाएगा।
शिक्षा और सामाजिक आयोजन
मेला के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम, धार्मिक अनुष्ठान और सामाजिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव प्रदान करने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
प्रशासनिक और तकनीकी योजनाएं
सभी विभागों को जिम्मेदारी दी गई है कि वे समयबद्ध तरीके से अपनी योजनाओं को लागू करें। डिजिटल निगरानी, रिपोर्टिंग और फीडबैक सिस्टम के माध्यम से मेला की व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा।
