धर्मैंद्र-हेमा की फाइल फोटो
नई दिल्ली [TV 47 न्यूज नेटवर्क ]। के महानायक धर्मेंद्र की छवि एक मजबूत, सादगीपूर्ण और करिश्माई कलाकार की है। लेकिन उनके जीवन का एक ऐसा पहलू भी है, जो बहुत ही महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक है—उनका वैवाहिक जीवन। धर्मेंद्र का जीवन प्रेम, विवाह, संघर्ष और समर्पण का एक अनूठा मिश्रण है। उनके जीवन में कई उतार-चढ़ाव आए, परंतु उनकी प्रेम कहानी और उनके संबंध आज भी लोगों के लिए एक मिसाल हैं।
यह स्टोरी उनके प्यार की शुरुआत से लेकर उनके विवाह, प्रेम-प्रसंग, परिवार, जीवन में आए बदलाव और उनके व्यक्तिगत संबंधों की गहरी पड़ताल है। धर्मेंद्र का जीवन सिर्फ एक अभिनेता का नहीं, बल्कि एक जीवन साथी का भी है, जो अपने परिवार और अपनी पत्नी के प्रति समर्पित हैं।
आइए, उनके वैवाहिक जीवन की इस विस्तृत यात्रा को शुरू करते हैं।
उनकी पहली प्रेम कहानी और शुरुआती जीवन
धर्मेंद्र का जन्म 8 दिसंबर 1935 को हरियाणा के पुंडरी में हुआ था। शुरुआती दिनों में उनका जीवन संघर्षमय था। फिल्मों में आने से पहले, उन्होंने मॉडलिंग और छोटे-मोटे काम किए। वे अपने समय के एक आकर्षक और प्रभावशाली युवा थे, जिनकी लोकप्रियता धीरे-धीरे बढ़ रही थी।
उनके जीवन में पहली बार प्रेम का अनुभव तब हुआ जब वे फिल्मी दुनिया में कदम रख चुके थे। तब उनकी उम्र करीब 20-22 साल की थी। उस समय उनके जीवन में कई महिलाओं का नाम जुड़ा, लेकिन उनका दिल हमेशा ही कुछ खास के लिए धड़कता रहा।
धर्मेंद्र का प्यार: प्रकाश कौर
धर्मेंद्र की पहली प्रेमिका और जीवन साथी का नाम प्रकाश कौर था। यह प्रेम कहानी उनके जीवन की शुरुआत में ही खूबसूरत मोड़ ले आई थी। दोनों ने अपने प्यार का इजहार किया और जल्द ही शादी करने का फैसला लिया।
प्रकाश कौर एक साधारण परिवार से थीं। उनका व्यक्तित्व सरल और आत्मीय था। धर्मेंद्र और प्रकाश का मिलन सच्चे प्यार का प्रतीक था। दोनों ने शादी कर ली, और यह शादी उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण अध्याय बन गई।
शादी और जीवन की शुरुआत
धर्मेंद्र और प्रकाश कौर की शादी 1954 में हुई थी। उस समय धर्मेंद्र बॉलीवुड में अपने करियर की शुरुआत कर रहे थे। उनकी शादी का फैसला उनके जीवन में स्थिरता और सुकून का स्रोत था।
उनकी शादीशुदा जिंदगी में सुख-दुख दोनों थे। शुरुआती दिनों में आर्थिक तंगी, काम की तलाश और व्यक्तिगत संघर्षों ने उनके जीवन को चुनौती दी। लेकिन दोनों एक-दूसरे का साथ देकर इन मुश्किलों का सामना करते रहे।
उनकी पहली बेटी का नाम अजीता था, जो बाद में एक प्रसिद्ध अभिनेत्री बनीं।
जीवन में बदलाव और नए रिश्ते
धर्मेंद्र का नाम बॉलीवुड में तेजी से उभर रहा था। उस दौर में उनके जीवन में एक नया मोड़ आया। फिल्म ‘गर्म हवा’ के दौरान उनकी मुलाकात अभिनेत्री हेमा मालिनी से हुई।
यह मुलाकात उनके जीवन में प्यार का संचार कर गई। हेमा मालिनी से उनकी पहली मुलाकात बहुत ही खास थी। धीरे-धीरे यह प्रेम कहानी परवान चढ़ने लगी।
धर्मेंद्र और हेमा मालिनी: प्यार की नई शुरुआत
पहली मुलाकात और प्रेम का आरंभ
धर्मेंद्र और हेमा मालिनी की पहली मुलाकात 1970 के दशक में हुई। उस समय हेमा, भारतीय फिल्म उद्योग की एक प्रसिद्ध अभिनेत्री थीं। दोनों की केमिस्ट्री तुरंत ही दर्शकों का ध्यान आकर्षित करने लगी।
उनकी प्रेम कहानी इस कदर सुगम और गुप्त थी कि किसी को पता ही नहीं चला। दोनों ने अपने प्यार को दुनिया से छुपाकर रखा। उस समय बॉलीवुड में इस तरह के प्रेम संबंधों को छुपाना जरूरी था, ताकि करियर और निजी जीवन दोनों सुरक्षित रहें।
प्यार का इजहार और शादी
धर्मेंद्र और हेमा मालिनी के बीच का प्यार धीरे-धीरे परवान चढ़ता गया। दोनों ने अपने प्यार का इजहार किया और अपने रिश्ते को सार्वजनिक किया।
1979 में, दोनों ने शादी कर ली। यह शादी भारतीय फिल्म उद्योग की सबसे चर्चित और हिट शादियों में से एक थी। धर्मेंद्र और हेमा मालिनी की शादी पूरी तरह से प्यार और सम्मान पर आधारित थी।
वैवाहिक जीवन और परिवार
धर्मेंद्र और हेमा मालिनी का वैवाहिक जीवन शुरू से ही खुशहाल रहा। उनके दो बच्चे हैं—बेटी ईशा देओल और बेटा अंशुला देओल।
उनका घर एक खुशहाल परिवार की तरह था, जिसमें प्यार, समझदारी और सम्मान का माहौल था। धर्मेंद्र ने अपने परिवार को हमेशा प्राथमिकता दी।
जीवन के उतार-चढ़ाव
उनके जीवन में कुछ कठिनाइयां भी आईं। फिल्म उद्योग का प्रतिस्पर्धी माहौल, समय-समय पर व्यक्तिगत संघर्ष और बाहरी दबावों ने उनके जीवन को प्रभावित किया।
लेकिन उन्होंने हर चुनौती का सामना अपने प्यार और परिवार के साथ किया। उनके रिश्ते की मजबूती और प्यार आज भी उनके जीवन का मुख्य आधार है।
धर्मेंद्र का परिवार और उनके जीवन के अन्य पहलू
धर्मेंद्र की पहली पत्नी प्रकाश कौर से उनकी बेटी अजीता देओल हैं, जो खुद भी अभिनेत्री हैं। उनके साथ ही, हेमा मालिनी से उनकी दो बेटियां हैं—ईशा देओल और सना देओल।
ईशा ने भी अपने अभिनय करियर की शुरुआत की है। धर्मेंद्र अपने परिवार को लेकर बहुत ही गर्व महसूस करते हैं। उनके परिवार में प्यार, सम्मान और परंपरा का माहौल है।
जीवन के संघर्ष और अनुभव
धर्मेंद्र ने अपने जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखे। उनके करियर की ऊंचाइयों के साथ-साथ व्यक्तिगत जीवन में भी कई चुनौतियां आईं।
उनके जीवन में आए बदलाव, प्रेम के नए संबंध, शादी की खुशियां और परिवार की जिम्मेदारी, सभी ने उन्हें मजबूत और परिपक्व बनाया।
सामाजिक और व्यक्तिगत मूल्यों का संरक्षण
धर्मेंद्र का मानना है कि जीवन में सच्चाई और ईमानदारी का मार्ग ही सही है। उन्होंने अपने जीवन में इन मूल्यों को अपनाया और अपने परिवार को भी यही शिक्षा दी।
उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि प्रेम, सम्मान और समर्पण से ही जीवन सुखमय और सार्थक होता है।
